धर्मराजेश्वर मंदिर मंदसौर: चट्टान को काटकर बनाया गया अद्भुत मंदिर
धर्मराजेश्वर मंदिर मंदसौर:
धर्मराजेश्वर मंदिर का इतिहास
भगवान शिव और भगवान विष्णु से संबंध
धर्मराजेश्वर मंदिर वर्तमान में भगवान शिव को समर्पित प्रमुख धार्मिक स्थल है। मंदसौर जिला प्रशासन के अनुसार शुरुआत में यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित था और बाद में इसे शिव मंदिर के रूप में तैयार किया गया।
मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग के साथ हरिहर प्रतीक का भी उल्लेख मिलता है। हरिहर भगवान शिव और भगवान विष्णु के संयुक्त स्वरूप को दर्शाता है।
धमनार की बौद्ध गुफाएं
धर्मराजेश्वर के पास ही धमनार की प्राचीन बौद्ध गुफाएं स्थित हैं। UNESCO के Tentative List में दर्ज विवरण के अनुसार इस रॉक-कट परिसर में कुल 51 गुफाएं हैं, जिनमें 14 बड़ी और 37 छोटी गुफाएं शामिल हैं।
इन गुफाओं में बौद्ध विहार, कक्ष, स्तूप और बुद्ध की प्रतिमाएं जैसी ऐतिहासिक संरचनाएं देखने को मिलती हैं। UNESCO के अनुसार धमनार का यह क्षेत्र प्राचीन रॉक-कट स्थापत्य का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
धर्मराजेश्वर मंदिर कहां है और कैसे पहुंचें?
धर्मराजेश्वर मंदिर मंदसौर जिले की गरोठ तहसील में चंदवासा के पास स्थित है। जिला प्रशासन के अनुसार यह चंदवासा से लगभग 4 किलोमीटर और शामगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 22 किलोमीटर दूर है। मंदसौर शहर से सड़क मार्ग की दूरी लगभग 120 किलोमीटर बताई गई है।
मंदसौर जिले में हवाई अड्डा नहीं है। जिला प्रशासन के अनुसार नजदीकी हवाई अड्डे इंदौर और उदयपुर हैं।
घूमने का सही समय
निष्कर्ष
धर्मराजेश्वर मंदिर मंदसौर मध्य प्रदेश की एक महत्वपूर्ण प्राचीन रॉक-कट धरोहर है। चट्टान को काटकर बनाई गई इसकी अनोखी संरचना, शिव और विष्णु से जुड़ी धार्मिक परंपरा तथा पास में मौजूद धमनार की बौद्ध गुफाएं इस पूरे क्षेत्र को खास बनाती हैं।
अगर आप मध्य प्रदेश के ऐसे ऐतिहासिक स्थान देखना चाहते हैं जहां धर्म, इतिहास और प्राचीन स्थापत्य कला एक साथ देखने को मिलती है, तो धर्मराजेश्वर मंदिर निश्चित रूप से देखने लायक जगह है।
स्थान: चंदवासा के पास, गरोठ तहसील, मंदसौर, मध्य प्रदेश
निकटतम रेलवे स्टेशन: शामगढ़ — लगभग 22 किमी
प्रमुख त्योहार: महाशिवरात्रि
विशेषता: चट्टान को काटकर बनाया गया प्राचीन मंदिर

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